गुरुवार, अगस्त 11, 2022

प्रसिद्ध "सूत जी" कौन थे?

नैमिषारण्य में सूत जी
यदि आपने हिन्दू धर्म के किसी भी धर्मग्रन्थ या व्रत कथाओं को पढ़ा है तो आपके सामने पौराणिक "सूत जी" का नाम अवश्य आया होगा। कारण ये है कि सूत जी कदाचित हिन्दू धर्म के सबसे प्रसिद्ध वक्ता हैं। कारण ये कि पुराणों की कथा का प्रसार जिस स्तर पर उन्होंने किया है वैसा किसी और ने नहीं किया। किन्तु ये "सूत जी" वास्तव में हैं कौन?

गुरुवार, अगस्त 04, 2022

आत्मा का रहस्य

आत्मा का रहस्य
आत्मा सदैव से सभी के लिए एक रहस्य का विषय है। आधुनिक वैज्ञानिक भी लम्बे समय से आत्मा के रहस्य को समझने का प्रयास कर रहे हैं। हिन्दू धर्म में आत्मा, जिसे जीवात्मा भी कहते हैं, का अत्यधिक महत्त्व बताया गया है। कई ग्रंथों में इसके विषय में विस्तार से बताया गया है, विशेषकर नचिकेता और यमराज के संवाद में। आइये आत्मा के विषय में कुछ रोचक तथ्य जानते हैं।

गुरुवार, जुलाई 28, 2022

रावण कुम्भकर्ण और विभीषण के पूर्वजन्म की एक अनसुनी कथा

रावण कुम्भकर्ण और विभीषण के पूर्वजन्म की एक अनसुनी कथा
भगवान विष्णु के पार्षद जय-विजय किस प्रकार श्राप के कारण रावण और कुम्भकर्ण के रूप में जन्मे ये हम सभी जानते हैं। इस विषय में हमने एक विस्तृत लेख पहले ही प्रकाशित किया है जिसे आप यहाँ पढ़ सकते हैं। आज हम रावण के उस पूर्वजन्म की कथा जानेंगे जिसे बहुत ही कम लोग जानते हैं। ये कथा श्री रामचरितमानस में दी गयी है। ये कथा मानस के बालकाण्ड में १५२वें दोहे से आरम्भ होकर १७५वें दोहे पर समाप्त होती है।

गुरुवार, जुलाई 21, 2022

अक्रूर

अक्रूर
महाराज ययाति के ज्येष्ठ पुत्र यदु से यदुकुल चला। इसी से आगे चलकर हैहय वंश पृथक हुआ जिसमें महान सम्राट कर्त्यवीर्य अर्जुन ने जन्म लिया। दूसरी शाखा में दो प्रमुख वंश चले - वृष्णि एवं अंधक। इन्ही में से वृष्णि वंश में श्रीकृष्ण ने जन्म लिया और इसी वंश में उनसे एक पीढ़ी पहले यादव वीर अक्रूर का जन्म हुआ। वे श्रीकृष्ण के पिता वासुदेव के चचेरे भाई थे। यदुवंश के विषय में आप विस्तार से यहाँ पढ़ सकते हैं।

गुरुवार, जुलाई 14, 2022

देवगुरु बृहस्पति

देवगुरु बृहस्पति
परमपिता ब्रह्मा
के १६ मानस पुत्रों और सप्तर्षियों में से एक थे महर्षि अंगिरस। इन्होने महर्षि मरीचि की पुत्री सुरूपा से विवाह किया किन्तु बहुत काल तक उन्हें कोई संतान नहीं हुई। तब महर्षि अंगिरस ने अपने पिता ब्रह्मा से प्रार्थना की जिससे प्रसन्न होकर ब्रह्मदेव ने उन्हें पुंसवन नामक व्रत को करने का निर्देश दिया। सुरूपा ने सनत्कुमारों से इस व्रत की जानकारी ली जिससे उन्हें तीन पुत्र प्राप्त हुए - संवर्त, उतथ्य एवं जीव

गुरुवार, जुलाई 07, 2022

वट वृक्ष - वो पेड़ जिसे अमर माना जाता है

वट वृक्ष - वो पेड़ जिसे अमर माना जाता है
वट वृक्ष हिन्दू धर्म के सर्वाधिक महत्वपूर्ण और पवित्र वनस्पतियों में से एक है। अश्वत्थ (पीपल) एवं तुलसी के साथ वट वृक्ष, अर्थात बरगद के पेड़ की हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्ता है। हिन्दू धर्म के लगभग हर ग्रन्थ में वट वृक्ष के महत्त्व के विषय में लिखा गया है। केवल हिन्दू धर्म में ही नहीं अपितु जैन और बौद्ध धर्म में भी वट वृक्ष की अद्भुत महत्ता बताई गयी है।

गुरुवार, जून 23, 2022

जाम्बवन्त कौन थे और वो कितने शक्तिशाली थे?

जाम्बवन्त कौन थे और वो कितने शक्तिशाली थे?
जामवंत रामायण के सबसे प्रमुख पात्रों में से एक हैं। हालाँकि उनकी गिनती सप्त-चिरंजीवियों में नहीं की जाती, किन्तु वे भी एक चिरंजीवी हीं थे जिन्होंने द्वापरयुग में निर्वाण लिया। उनकी आयु अन्य सातों चिरंजीवियों से भी अधिक मानी जाती है। उनके जन्म के विषय में भी अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं।