गुरुवार, मई 19, 2022

गंगा कुंड - गंगा और नर्मदा के मिलन का पावन स्थल

गंगा कुंड - माँ गंगा और माँ नर्मदा के मिलन का पावन स्थल
मध्य प्रदेश के इंदौर से १२७ किमी की दूरी पर मनावर जिला धार के अंतर्गत मनावर से २५ किमी की दरी पर स्थित गांगली गांव स्थित है। इसका नाम गंगा पर ही आधारित है जो कालांतर में गंगा से गांगली हो गया। ये नर्मदा के तट पर स्थित है। यहाँ एक पवित्र कुंड विधमान है जिसमे निरंतर गंगा का जल प्रवाहित होता रहता है।

गुरुवार, मई 12, 2022

हिरण्यकशिपु

हिरण्यकशिपु
परमपिता
ब्रह्मा से सर्वप्रथम सात महान ऋषियों ने जन्म लिया जिन्होंने सप्तर्षि और प्रजापति का पद ग्रहण किया। इन्ही में से एक थे महर्षि मरीचि। उनकी पत्नी कला से उन्हें एक पुत्र प्राप्त हुए महर्षि कश्यप। महर्षि कश्यप ने प्रजापति दक्ष की १७ कन्याओं से विवाह किया और उन्ही की संतानों से समस्त जातियों की उत्पत्ति हुई। इनकी ज्येष्ठ पत्नी अदिति से आदित्य और दूसरी पत्नी दिति से दैत्यों का जन्म हुआ।

गुरुवार, मई 05, 2022

जय और विजय - जिन्होंने श्रीहरि के भक्त बनने के स्थान पर उनका शत्रु बनना पसंद किया

जय और विजय - जिन्होंने श्रीहरि के भक्त बनने के स्थान पर उनका शत्रु बनना पसंद किया
वैसे तो भगवान विष्णु के कई पार्षद हैं किन्तु जय-विजय उनमें से प्रमुख हैं। ये दोनों वैकुण्ठ के मुख्य द्वार के रक्षक हैं और श्रीहरि को सर्वाधिक प्रिय हैं। ये दोनों उप-देवता की श्रेणी में आते हैं और इन्हे गुण एवं रूप में श्रीहरि के समान ही बताया गया है। श्रीहरि की भांति ही ये भी अपने तीन हाथों में शंख, चक्र एवं गदा धारण करते हैं, पर इनके चौथे हाथ में तलवार होती है, वहीँ श्रीहरि अपने चौथे हाथ में कमल धारण करते हैं।

गुरुवार, अप्रैल 28, 2022

शिव परिवार में विरोधाभास

शिव परिवार में विरोधाभास
हम सभी भगवान शंकर के परिवार के विषय में जानते हैं। महादेव इस परिवार के प्रमुख हैं। उनकी पत्नी माता पार्वती हैं। इन दोनों की एक पुत्री और दो पुत्र हैं। हालाँकि कई और लोगों को महादेव के पुत्र एवं पुत्री होने का गौरव प्राप्त है किन्तु मुख्य रूप से उनकी तीन संताने ही है - पुत्री अशोकसुन्दरी एवं पुत्र कार्तिकेय एवं गणेश। भगवान शंकर के अन्य पुत्र-पुत्रियों के बारे में विस्तार से इस लेख में पढ़ें।

गुरुवार, अप्रैल 21, 2022

रावण के पैरों के नीचे कौन दबा रहता है?

रावण के पैरों के नीचे कौन दबा रहता है?
आप सभी ने कभी ना रावण का ऐसा चित्र अवश्य देखा होगा जिसमें एक व्यक्ति उनके पैरों के नीचे दबे हुए रहते है। रावण उन्हें अपनी चरण पादुका की भांति उपयोग लाता है। क्या आपको पता है कि वो व्यक्ति कौन है? आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि वो स्वयं शनिदेव हैं।

गुरुवार, अप्रैल 14, 2022

ऋषि, मुनि, साधु, संन्यासी, तपस्वी, योगी, संत और महात्मा में क्या अंतर है?

ऋषि, मुनि, साधु, संन्यासी, तपस्वी, योगी, संत और महात्मा में अंतर
हिन्दू धर्म में ऋषि-मुनियों का क्या महत्त्व रहा है वो बताने की आवश्यकता नहीं है। शास्त्रों में इन्हे समाज का मार्गदर्शन करने वाला कहा गया है। अपने ज्ञान और साधना से ये सदैव समाज का कल्याण करते आये हैं। आम तौर पर हम इन्हे एक दूसरे के पर्यायवाची मानते हैं, किन्तु इनमे भी अंतर होता है। आइये इनके विषय में जानते हैं।

गुरुवार, अप्रैल 07, 2022

नवनाथ - नाथ संप्रदाय के नौ सर्वोच्च सिद्ध

नवनाथ - नाथ संप्रदाय के नौ सर्वोच्च सिद्ध
हिन्दू धर्म में नाथ संप्रदाय का बड़ा महत्त्व है। ऐसी मान्यता है कि ये संप्रदाय स्वयं भगवान शंकर के भैरव रूप से आरम्भ हुआ और इसके पहले गुरु श्रीहरि के अवतार भगवान दत्तात्रेय हुए। इसी कारण नाथ संप्रदाय में महादेव अथवा भैरव को "आदिनाथ" एवं दत्तात्रेय को "आदिगुरु" कहा जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि सभी नौ सिद्धों का जन्म परमपिता ब्रह्मा के वीर्य से ही हुआ था।