शनिवार, अक्तूबर 17, 2020

भक्तराज ध्रुव


इस संसार में भगवान श्रीहरि के जितने अनन्य भक्त हुए हैं, ध्रुव उनमें से अग्रगणी हैं। विष्णु पुराण एवं भागवत पुराण में इनके विषय में विस्तार से लिखा गया है। ब्रह्मा के पुत्र स्वयंभू मनु हुए जिन्होंने माता शतरूपा से विवाह किया। दोनों की ५ संतानें हुई। २ पुत्र - प्रियव्रत एवं उत्तानपाद और तीन पुत्रियां - आकूति, देवहुति एवं प्रसूति। महाराज मनु ने अपना राज्य अपने दोनों पुत्रों में बाँट दिया। उत्तानपाद ने दो कन्याओं से विवाह किया - सुनीति एवं सुरुचि। बड़ी रानी सुनीति के गर्भ से ही ध्रुव का जन्म हुआ। छोटी रानी सुरुचि को उत्तम नामक एक पुत्र प्राप्त हुआ।

मंगलवार, अक्तूबर 13, 2020

१६ कलाएं


आप सब ने प्रायः भगवान विष्णु की १६ कलाओं के विषय में सुना होगा। रामायण और महाभारत में ये वर्णित है कि भगवान श्रीराम भगवान विष्णु की १२ कलाओं के साथ जन्में थे और श्रीकृष्ण १६ कलाओं के साथ। वैसे तो श्रीहरि अनंत हैं किन्तु मनुष्य रूप में उनकी कुल १६ कलाएं मानी गयी हैं। उनका जो कोई भी अवतार उनकी जितनी भी कलाओं के साथ जन्मता है वो उनके उतने ही समकक्ष माना जाता है। यही कारण है कि श्रीकृष्ण को पूर्णावतार कहते हैं क्यूंकि वे श्रीहरि की सभी १६ कलाओं के साथ जन्में थे। श्रीहरि के अंतिम अवतार भगवान कल्कि उनकी ४ कलाओं के साथ अवतरित होंगे।

सोमवार, अक्तूबर 05, 2020

वैदिक घडी


कुछ दिनों पहले मुझे इस प्राचीन घडी का चित्र प्राप्त हुआ जिसमें १ से १२ अंकों के स्थान पर विभिन्न देवताओं के नाम लिखे थे। वो एक अबूझ पहेली की भांति थी किन्तु अचानक गौर करने पर मुझे इसका रहस्य समझ में आ गया। मैं इसपर पहले ही एक लेख लिखना चाहता था किन्तु उससे पहले इसी प्रश्न को मैंने अपने फेसबुक पेज पर भी लोगों से पूछा और हमारे एक पाठक श्री तरुण विश्वकर्मा ने इसका सही उत्तर भी बताया। तो अपने इस लेख में मैं तरुण जी का भी योगदान मानते हुए इसका शुभारम्भ करते हैं।

शनिवार, सितंबर 26, 2020

क्या उत्तर कांड एवं शम्बूक वध सत्य है?


बहुत समय से सोच रहा था कि जनमानस में शम्बूक, सीता त्याग इत्यादि को लेकर जो असत्य फैला है उसके विषय में कुछ लिखूं। १-२ शताब्दी पूर्व से सुनियोजित रूप से श्रीराम के चरित्रहनन का जो प्रयास हुआ है वो वास्तव में दुखद है। वैसे तो ऐसी कई मिथ्या चीजें जनमानस में फैलाई गयी है जिससे श्रीराम के उज्जवल चरित्र पर कलंक लगाया जा सके किन्तु उनमें भी जो सबसे बड़े पात्र के रूप में उभरता है वो है शम्बूक। पहले मैंने केवल शम्बूक के विषय में लिखने का निश्चय किया था किन्तु फिर सोचा कि इसी बहाने रामायण के उत्तर कांड के सत्य से भी सबको अवगत कराया जाये। तो आइये इस विषय में विस्तार से जानते हैं। 

गुरुवार, सितंबर 17, 2020

क्या गौतम बुद्ध विष्णु अवतार हैं?


अगर हम भगवान विष्णु के दशावतार की बात करें तो संभव है कि १०० में से ९९ लोग गौतम बुद्ध को श्रीहरि का अवतार बताएँगे। बहुत काल से इसपर विवाद चला आ रहा है कि क्या वास्तव में गौतम बुद्ध भगवान विष्णु के अवतार हैं? हिन्दू धर्म में गौतम बुद्ध को विष्णु अवतार नहीं माना जाता किन्तु बौद्ध धर्म में उन्हें विष्णु के ९वें अवतार के रूप में प्रचारित किया जाता है। सर्वप्रथम तो मैं ये स्पष्ट कर दूँ कि गौतम बुद्ध श्रीहरि विष्णु के अवतार नही हैं। आइये इसका कारण जानते हैं।

शनिवार, सितंबर 12, 2020

श्रीकृष्ण की १६१०८ रानियों का पूर्वजन्म

हम सभी ने श्रीकृष्ण की १६१०८ रानियों के विषय में पढ़ा है। वास्तव में श्रीकृष्ण की १६१०८ पत्नियों की भूमिका त्रेता युग में रामावतार के समय ही बन गयी थी। त्रेतायुग में श्रीराम ने एक पत्नीव्रती होने का निश्चय कर लिया था किन्तु उस समय अनेकानेक युवतियां श्रीराम को अपने पति के रूप में प्राप्त करना चाहती थी। इसी कारण उन्होंने उन युवतियों को द्वापरयुग में पत्नीरूप में स्वीकार करने का वचन दिया था। द्वापरयुग में वही युवतियां श्रीकृष्ण की भार्यायें हुईं। आइये देखते हैं कौन किसका अवतार थीं।

सोमवार, सितंबर 07, 2020

रामेश्वरम के काले श्रीराम

सितम्बर २०१९ की बात है, मैंने अपने परिवार के साथ रामेश्वरम जाने की योजना बनाई। उस समय मैं बैंगलोर में नौकरी कर रहा था और रामेश्वरम जाने के लिए पहले मदुरै जाना पड़ता था। ये मेरे लिए और भी सुखद था क्यूंकि मैं माता मीनाक्षी के भी दर्शन करना चाहता था। तो पहले हम मदुरै पहुंचे और उसी शाम हमारी रामेश्वरम के लिए ट्रेन थी। तो सुबह करीब ५ बजे हम मीनाक्षी मंदिर पहुंचे। ऐसा भव्य मंदिर मैंने आज तक नहीं देखा था। काफी देर तक हम वहाँ रहे और फिर शाम को रामेश्वरम के लिए निकल पड़े।