रविवार, अगस्त 02, 2020

श्रीकृष्ण का वंश

इस वेबसाइट का पहला लेख मैंने पुरुवंश से किया था। श्रीकृष्ण का लेख लिखने में बहुत देर हो गयी। श्रीकृष्ण के वंश की शाखा भी उन्ही चक्रवर्ती सम्राट ययाति से चली जिनसे पुरु का वंश चला। पुरु ययाति के सबसे छोटे पुत्र थे और यदु सबसे बड़े। हालाँकि ययाति के श्राप के कारण सबसे प्रसिद्ध राजवंश पुरु का ही रहा जिसमें दुष्यंत, भरत, कुरु, हस्ती, शांतनु और युधिष्ठिर जैसे महान सम्राट हुए। ययाति के अन्य पुत्रों का वंश भी चला किन्तु चक्रवर्ती सम्राट केवल पुरु के वंश में ही हुए। 

रविवार, जुलाई 26, 2020

रुद्राक्ष - २: रुद्राक्ष के प्रकार

पिछले लेख में आपने रुद्राक्ष के विषय में पढ़ा। इस लेख में हम रुद्राक्ष के प्रकार के विषय में जानेंगे। रुद्राक्ष के विभिन्न प्रकार को उनके मुख से जाना जाता है जैसे एक मुखी, दो मुखी इत्यादि। रुद्राक्ष १ से २१ मुखी तक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त गणेश और गौरी-शंकर नाम के दो विशेष रुद्राक्ष भी पाए जाते हैं। प्रत्येक प्रकार के रुद्राक्ष का अपना प्रभाव और महत्त्व होता है। जिस माला में १ से २१ मुखी तक के रुद्राक्ष का समागम हो उसे हम इन्द्रमाला कहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में वास्तविक इंद्रमाला की कीमत लगभग तीन करोड़ रूपये तक हो सकती है।

शनिवार, जुलाई 18, 2020

रुद्राक्ष - १: परिचय

रुद्राक्ष हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र वस्तुओं में से एक माना गया है। कहते हैं कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने हेतु रुद्राक्ष सबसे सरल माध्यम है क्यूंकि ये स्वयं रूद्र से ही जन्मा है। शिव पुराण और पद्म पुराण में कहा गया है कि रुद्राक्ष धारण करने से अधम से अधम व्यक्ति भी स्वर्ग को प्राप्त होता है। रुद्राक्ष वास्तव में एक वृक्ष का फल होता है। ऐसे वृक्ष हिमालय में सबसे अधिक पाए जाते हैं। उसकेअतिरिक्त नेपाल और इंडोनेशिया में भी रुद्राक्ष के वृक्ष मिलते हैं। भारत में भी रुद्राक्ष के वृक्ष होते हैं किन्तु इनकी लकड़ियों को अंधाधुंध काटने के कारण भारत में ये दुर्लभ वृक्ष विलुप्त होने की कगार पर है।

शनिवार, जुलाई 11, 2020

पौराणिक द्वीप - ८: पुष्कर द्वीप

पिछले लेख में हमने शाक द्वीप के विषय में पढ़ा। इस लेख में हम सप्तद्वीपों में से अंतिम पुष्कर द्वीप के विषय में जानेंगे।
  • पुष्कर द्वीप का आकर शाक द्वीप से दुगुना है। 
  • इस द्वीप का नाम यहाँ स्थिति अतिविशाल न्यग्रोध (वट) के वृक्ष के कारण पड़ा है। ये इतना विशाल है कि उसका शिखर दिखाई नहीं देता। कहते हैं इस विशाल वृक्ष में पातमपिता ब्रह्मा का स्थान है।

रविवार, जुलाई 05, 2020

पौराणिक द्वीप - ७: शाक द्वीप

पिछले लेख में हमने क्रौंच द्वीप के विषय में पढ़ा। इस लेख में हम छठे महान शाक द्वीप के विषय में जानेंगे। 
  • इस द्वीप के मध्य में एक अतिविशाल शाक का वृक्ष है और उसी वृक्ष के कारण इस द्वीप का नाम शाक द्वीप पड़ा है। 

सोमवार, जून 29, 2020

पौराणिक द्वीप - ६: क्रौंच द्वीप

पिछले लेख में हमने कुश द्वीप के विषय में पढ़ा था। इस लेख में हम क्रौंच द्वीप के विषय में विस्तार पूर्वक जानेंगे जिसका स्थान सप्तद्वीपों में पाँचवा है। 
  • इस द्वीप का नाम यहाँ स्थित क्रौंच नामक महान पर्वत के कारण पड़ा है। 
  • यहाँ के निवासी वरुण देव की पूजा करते हैं। 

सोमवार, जून 22, 2020

पौराणिक द्वीप - ५: कुश द्वीप


इस श्रृंखला के पिछले लेख में हमने शाल्मल द्वीप के विषय में पढ़ा था। इस लेख में हम कुश द्वीप के विषय में विस्तार से जानेंगे। कुश द्वीप उन सात पौराणिक द्वीपों में से एक है जिसका वर्णन हमारे पुराणों में किया गया है। विष्णु पुराण के अनुसार -

कुश: क्रौंचस्तथा शाक: पुष्करश्चैव सप्तम:।