गुरुवार, सितंबर 22, 2022

श्रीगणेश के अवतार

श्रीगणेश के अवतार
हम सबने भगवान विष्णु के दशावतार और भगवान शंकर के १९ अवतारों के विषय में सुना है। किन्तु क्या आपको श्रीगणेश के अवतारों के विषय में पता है? वैसे तो श्रीगणेश के कई रूप और अवतार हैं किन्तु उनमें से आठ अवतार जिसे "अष्टरूप" कहते हैं, वो अधिक प्रसिद्ध हैं। इन आठ अवतारों की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि इन्ही सभी अवतारों में श्रीगणेश ने अपने शत्रुओं का वध नहीं किया बल्कि उनके प्रताप से वे सभी स्वतः उनके भक्त हो गए। आइये उसके विषय में कुछ जानते हैं।

गुरुवार, सितंबर 15, 2022

सापों की जीभ कटी हुई क्यों होती है?

सापों की जीभ कटी हुई क्यों होती है?
हम सभी जानते हैं कि सर्पों की जीभ बीच से कटी हुई होती है। विज्ञान के तर्क के अनुसार सर्पों की सुनने की शक्ति बहुत कम होती है और अपनी जीभ की इस संरचना के कारण सर्प सरलता से सुन लेते हैं। हालाँकि इस विषय में महाभारत और कुछ पुराणों में भी एक कथा मिलती है।

गुरुवार, सितंबर 08, 2022

पांडवों का पुनर्जन्म

पांडवों का पुनर्जन्म
महापुराणों के अतिरिक्त अन्य पुराणों की प्रमाणिकता पर यदा-कदा प्रश्न उठते ही रहे हैं। किन्तु उनमें भी जो पुराण सबसे अधिक शंशय का केंद्र रहा है वो है भविष्य पुराण। ऐसी मान्यता है कि समय के साथ इसी पुराण में सबसे अधिक मिलावट की गयी है। यही कारण है कि इस पुराण में लिखा हुआ कितना सत्य है और कितना असत्य, ये ठीक-ठीक किसी को नहीं पता है।

गुरुवार, सितंबर 01, 2022

जब श्रीगणेश और महाबली हनुमान में युद्ध हुआ

जब श्रीगणेश और महाबली हनुमान में युद्ध हुआ
पुराणों की कुछ कथाएं ऐसी होती हैं जिसके बारे में बहुत लोगों को जानकारी नहीं होती। साथ ही कुछ कथाओं में बहुत विरोधाभास होता है। आज जो कथा हम आपको बताने वाले हैं वो भी कुछ ऐसी ही है। ये कथा है उस घटना की जब दो महाशक्तियां - श्रीगणेश और महावीर हनुमान आपस में टकराये।

गुरुवार, अगस्त 25, 2022

भगवान विष्णु के २४ अवतार

जब भी ईश्वर के अवतार की बात आती है तो भगवान विष्णु के अवतार सबसे प्रसिद्ध हैं। श्रीहरि के दशावतार तो खैर जगत विख्यात हैं किन्तु उनके कुल २४ अवतार माने जाते हैं। इन २४ अवतारों में से जो दशावतार हैं वे भगवान विष्णु के साक्षात् रूप ही हैं और अन्य १४ अवतार उनके लीलावतार माने जाते हैं। श्रीहरि के दशावतार का वर्णन विष्णु पुराण में विशेष रूप से दिया गया है। उनके २४ अवतारों का वर्णन श्रीमदभागवत और सुख सागर में दिया है। इस सूची में सभी दशावतार को रेखांकित किया गया है।

गुरुवार, अगस्त 18, 2022

अष्ट चिरंजीवी - वे आठ महापुरुष जो अमर हैं

भारत में जब बड़े आशीर्वाद देते हैं तो सबसे आम आशीर्वाद होता है "चिरंजीवी भवः"। चिरंजीवी का अर्थ होता है चिरकाल तक जीवित रहना। इसे आम भाषा में अमर होना कहते हैं। वैसे तो लोग समझते हैं कि अमर का अर्थ होता है जो कभी ना मरे, किन्तु वास्तव में ऐसा नहीं है। खैर अमर होने का वास्तविक अर्थ हम किसी और लेख में समझेंगे। आज इस लेख में हम चर्चा करेंगे उन ८ व्यक्तियों की जो अमर माने जाते हैं।

गुरुवार, अगस्त 11, 2022

प्रसिद्ध "सूत जी" कौन थे?

नैमिषारण्य में सूत जी
यदि आपने हिन्दू धर्म के किसी भी धर्मग्रन्थ या व्रत कथाओं को पढ़ा है तो आपके सामने पौराणिक "सूत जी" का नाम अवश्य आया होगा। कारण ये है कि सूत जी कदाचित हिन्दू धर्म के सबसे प्रसिद्ध वक्ता हैं। कारण ये कि पुराणों की कथा का प्रसार जिस स्तर पर उन्होंने किया है वैसा किसी और ने नहीं किया। किन्तु ये "सूत जी" वास्तव में हैं कौन?