गुरुवार, जून 23, 2022

जाम्बवन्त कौन थे और वो कितने शक्तिशाली थे?

जाम्बवन्त कौन थे और वो कितने शक्तिशाली थे?
जामवंत रामायण के सबसे प्रमुख पात्रों में से एक हैं। हालाँकि उनकी गिनती सप्त-चिरंजीवियों में नहीं की जाती, किन्तु वे भी एक चिरंजीवी हीं थे जिन्होंने द्वापरयुग में निर्वाण लिया। उनकी आयु अन्य सातों चिरंजीवियों से भी अधिक मानी जाती है। उनके जन्म के विषय में भी अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं।

गुरुवार, जून 16, 2022

संवरण और ताप्ती की कथा - एक सम्राट जिसने एक स्त्री के लिए सब कुछ छोड़ दिया

संवरण एक चंद्रवंशी सम्राट थे जो महाराज हस्ती (जिनके नाम पर हस्तिनापुर है) के पड़पोते और महाराज अजमीढ़ के पुत्र थे। अपने पूर्वजों की भांति ही संवरण एक महान राजा साबित हुए जो अपनी प्रजा के सुख के लिए कुछ भी कर सकते थे। उनके राज्य में प्रजा सुखपूर्वक और निर्भय होकर निवास कर रही थी।

गुरुवार, जून 09, 2022

हनुमान को किन देवताओं से क्या वरदान मिले?

हनुमान को किन देवताओं से क्या वरदान मिले?
हम सभी हनुमान जी द्वारा बचपन में सूर्यदेव को एक फल समझ कर खाने के प्रयास के विषय में जानते हैं। उस समय हनुमान मारुति के नाम से जाने जाते थे। बालपन में ही उन्होंने सूर्यदेव को फल समझ कर निगलना चाहा। जब देवराज इंद्र ने ये देखा तो उन्होंने सूर्य की रक्षा के लिए मारुति पर अपने वज्र से प्रहार किया।

गुरुवार, जून 02, 2022

श्रीकृष्ण का नाम "दामोदर" कैसे पड़ा?

श्रीकृष्ण का नाम "दामोदर" कैसे पड़ा?
श्रीकृष्ण की लीलाओं की भांति उनके नाम भी अनंत हैं। उनमें से ही एक नाम "दामोदर" है जो उन्हें बचपन में दिखाई गयी एक लीला के कारण मिला था। ये नाम इसीलिए भी विशिष्ट है क्यूंकि इस बार उन्होंने अपनी माया का प्रयोग असुर पर नहीं अपितु अपनी माता पर ही किया था।

गुरुवार, मई 26, 2022

ऋषियों के कितने समुदाय हैं?

ऋषियों के कितने समुदाय हैं?
कुछ समय पहले हमने ऋषि, मुनि, साधु, संन्यासी के अंतर पर एक लेख प्रकाशित किया था। आज हम पुराणों में वर्णित ऋषि-मुनियों के विभिन्न समुदायों के विषय में बात करेंगे। इनमें से कई समुदाय आपको आज भी अपने आस पास मिल जायेंगे। वैसे तो पुराणों में अनेकों समुदायों का वर्णन है किन्तु इस लेख में हम मुख्य समुदायों के विषय में चर्चा करेंगे।

गुरुवार, मई 19, 2022

गंगा कुंड - गंगा और नर्मदा के मिलन का पावन स्थल

गंगा कुंड - माँ गंगा और माँ नर्मदा के मिलन का पावन स्थल
मध्य प्रदेश के इंदौर से १२७ किमी की दूरी पर मनावर जिला धार के अंतर्गत मनावर से २५ किमी की दरी पर स्थित गांगली गांव स्थित है। इसका नाम गंगा पर ही आधारित है जो कालांतर में गंगा से गांगली हो गया। ये नर्मदा के तट पर स्थित है। यहाँ एक पवित्र कुंड विधमान है जिसमे निरंतर गंगा का जल प्रवाहित होता रहता है।

गुरुवार, मई 12, 2022

हिरण्यकशिपु

हिरण्यकशिपु
परमपिता
ब्रह्मा से सर्वप्रथम सात महान ऋषियों ने जन्म लिया जिन्होंने सप्तर्षि और प्रजापति का पद ग्रहण किया। इन्ही में से एक थे महर्षि मरीचि। उनकी पत्नी कला से उन्हें एक पुत्र प्राप्त हुए महर्षि कश्यप। महर्षि कश्यप ने प्रजापति दक्ष की १७ कन्याओं से विवाह किया और उन्ही की संतानों से समस्त जातियों की उत्पत्ति हुई। इनकी ज्येष्ठ पत्नी अदिति से आदित्य और दूसरी पत्नी दिति से दैत्यों का जन्म हुआ।