सोमवार, फ़रवरी 24, 2020

वैद्यराज चरक

चरक एक महान वैद्य थे जिन्हे विश्व का सबसे पहला वैद्य माना जाता है। यही नहीं, इन्हे आयुर्वेद का जनक भी माना जाता है। इनके जन्म को लेकर कुछ मतभेद है। कुछ लोग इनका जन्म ईसा से ३०० वर्ष पहले का मानते हैं जबकि अधिकतर लोग इनका जन्म महात्मा बुद्ध से भी पहले का मानते हैं। इसमें से दूसरा मत ही ज्यादा तर्कसंगत लगता है। कुछ लोग चरक और कनिष्क को एक मानते हैं किन्तु ऐसा नहीं है। कनिष्क बौद्ध थे किन्तु चरक साहित्य में बौद्ध मतों का कठोरता से खंडन किया गया है।

सोमवार, फ़रवरी 17, 2020

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए

शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए
ये तो बहुत लोग जानते हैं किन्तु कुछ ऐसी वस्तुएं भी हैं जिसे भगवान शिव को अर्पण करने को शास्त्रों में मना किया गया है। आइये ऐसी ही कुछ वस्तुओं के विषय में जानते हैं। 
  1. हल्दी: भगवान शिव को हल्दी नहीं चढ़ती है क्यूंकि इसका सम्बन्ध भगवान विष्णु से है। विष्णु-लक्ष्मी को हल्दी चढाने का विधान है क्यूंकि नारायण को हल्दी या पीली वस्तुएं बड़ी पसंद हैं। यही कारण है कि उन्हें पीतांबर कहा गया है। इसके अतिरिक्त चूँकि हल्दी का सम्बन्ध रसोईघर से है इसीलिए भी ये महादेव को नहीं चढ़ाई जाती।

शनिवार, फ़रवरी 08, 2020

रावण के अनुसार स्त्रियों के ८ अवगुण

रामचरितमानस में एक प्रसंग आता है जब रावण द्वारा सीता हरण करने के पश्चात रावण की पटरानी मंदोदरी उसे बार बार देवी सीता को श्रीराम को लौटाने का अनुरोध करती है। पहले तो रावण उसके इस हठ को हंसी में टाल देता था किन्तु मंदोदरी के बार-बार टोकने के कारण रावण क्रोधित हो जाता है और वो बताता है कि स्त्रियों के ८ दुर्गुणों के कारण ही पुरुषों का विनाश होता है।

मंगलवार, फ़रवरी 04, 2020

वर्तमान स्थानों के प्राचीन नाम

पौराणिक ग्रंथों में हमें कई देशों के वैदिक नाम मिलते हैं। भारत का नाम आर्यावर्त था ये तो विश्व प्रसिद्ध है किन्तु कुछ और भी देश हैं जिनका वर्णन हमारे धार्मिक ग्रंथों में आता है। कुछ ऐसे ही प्रमुख देशों का विवरण इस लेख में दिया जा रहा है। पहले विदेशों के प्राचीन नाम देखते हैं।
  • अखंड भारत: आर्यवर्त
    • भारत: शंकुन्तला पुत्र महाराज भरत के नाम पर
    • हिन्दू स्थान: जो बाद में बदलकर हिंदुस्तान हो गया। ये नाम हिन्दू धर्म के कारण पड़ा। पहले जो कोई भी भारत से होता था, चाहे वो हिन्दू, मुस्लिम, सिख या किसी अन्य धर्म का क्यों ना हो, उसे हिन्दू ही कहा जाता था।