एकलव्य - क्यों माँगा गुरु द्रोण ने अंगूठा? क्यों किया श्रीकृष्ण ने वध?

एकलव्य - क्यों माँगा गुरु द्रोण ने अंगूठा? क्यों किया श्रीकृष्ण ने वध?
एकलव्य महाभारत का एक गौण पात्र है। यदि मूल महाभारत की बात की जाये तो एकलव्य के बारे में बहुत अधिक नहीं लिखा गया है। आज जो भी जानकारियां हमें एकलव्य के विषय में मिलती हैं वो अधिकतर लोक कथाओं के रूप में ही है लेकिन उन कथाओं और मान्यताओं में बहुत अधिक दुष्प्रचार किया गया है। तो आइये एकलव्य के बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं और इन मिथ्या जानकारियों को भी समझते हैं।

"सेंगोल" वास्तव में क्या है?

आज कल सेंगोल की बहुत चर्चा हो रही है। इसके सम्बन्ध में कई भ्रांतियाँ भी फ़ैल रही है। अधिकतर लोग सेंगोल का ऐतिहासिक महत्त्व बता रहे हैं किन्तु आपको जानकर अच्छा लगेगा कि सेंगोल का पौराणिक महत्त्व भी बहुत अधिक है। सहस्त्रों वर्षों से सेंगोल का वर्णन हमारे पौराणिक ग्रंथों में है, विशेषकर इसका वर्णन महाभारत में किया गया है, पर किसी और नाम से। इसके विषय में लगभग हर व्यक्ति जनता होगा पर इस शब्द "सेंगोल" से बहुत कम लोग परिचित हैं। तो आइये हम सेंगोल के विषय में कुछ जानते हैं।

जब हनुमान जी ने बलराम जी, गरुड़, सुदर्शन एवं देवी सत्यभामा का अभिमान भंग किया

जब हनुमान जी ने बलराम जी, गरुड़, सुदर्शन एवं देवी सत्यभामा का अभिमान भंग किया
महाबली हनुमान अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं। उन्हें कल्प के अंत तक जीवित रहने का वरदान प्राप्त है। यही कारण है कि रामायण के साथ साथ हनुमान जी का वर्णन महाभारत में भी आता है। महाभारत में उनके द्वारा भीम के अभिमान को भंग करने और अर्जुन के रथ की रक्षा करने के विषय में तो हम सभी जानते ही हैं किन्तु हरिवंश पुराण में एक वर्णन ऐसा भी आता है जब श्रीकृष्ण ने बजरंगबली के द्वारा बलराम जी, सुदर्शन चक्र, गरुड़ एवं देवी सत्यभामा का अभिमान भंग करवाया था।

भगवान शिव को अपने ही पुत्र श्रीगणेश का मस्तक क्यों काटना पड़ा?

भगवान शिव को अपने ही पुत्र श्रीगणेश का मस्तक क्यों काटना पड़ा?
महादेव द्वारा श्रीगणेश का मस्तक काटने के विषय में तो हम सभी जानते हैं किन्तु इस विषय में एक प्रश्न आता है कि आखिर उन्हें ऐसा करना क्यों पड़ा? महादेव तो त्रिकालदर्शी हैं फिर उन्हें कैसे नहीं पता था कि श्रीगणेश उनके ही पुत्र हैं? वास्तव में महादेव ने श्रीगणेश का मस्तक एक श्राप के कारण काटा था।

शनि देव को तेल क्यों चढ़ाया जाता है?

शनि देव को तेल क्यों चढ़ाया जाता है?
हमारे पौराणिक ग्रंथों में शनिदेव को तेल चढाने के बारे में कहा गया है। शताब्दियों से लोग हर शनिवार को शनिदेव पर तेल चढ़ाते आ रहे हैं। मान्यता है कि ऐसा करने पर शनि की साढ़ेसाती और ढैया से मुक्ति मिलती है। किन्तु शनिदेव को तेल चढाने के पीछे एक पौराणिक कथा भी है जो रामायण से सम्बंधित है।

गोत्र क्या होता है? समान गोत्र में विवाह क्यों नहीं होता?

गोत्र क्या होता है? समान गोत्र में विवाह क्यों नहीं होता?
गोत्र की अवधारणा हिन्दू धर्म में सदा से है। ये हिन्दू धर्म के सबसे जटिल विषयों में से एक है। गोत्र को अति प्राचीन माना गया है। यहाँ तक कि ऐसा कहा गया है कि गोत्र पहले आये और फिर वर्ण व्यवस्था प्रारम्भ हुई। अर्थात गोत्र की अवधारणा वर्ण व्यवस्था से भी प्राचीन है।

एक ऐसा गाँव जहाँ हनुमान जी की पूजा करना मना है

द्रोणागिरि गांव
महाबली हनुमान हिन्दू धर्म के सर्वाधिक पूज्य देवताओं में से एक हैं। शायद ही इस देश का एक भी ऐसा कोना हो जहाँ हनुमान जी का मंदिर ना हो या उनकी पूजा ना होती हो। लेकिन आज हम आपको भारत के एक ऐसे ही गांव के बारे में बताने वाले हैं जहाँ हनुमान जी की पूजा वर्जित है। ऐसा इसलिए क्यूंकि वहां के लोग सदैव हनुमान जी से नाराज रहते हैं।