कुछ समय पहले हमने यक्षिणियों एवं पद्मनाभ स्वामी मंदिर के रहस्य पर एक लेख प्रकाशित किया था। इन दोनों में हमने कांजीरोट्टू नामक एक यक्षिणी के विषय में बताया था। इस यक्षिणी की मान्यता दक्षिण भारत, विशेषकर केरल और तमिलनाडु में बहुत है और वहाँ इसकी कई लोक कथाएं भी प्रचलित हैं।
वानरराज वाली कितने शक्तिशाली थे?
वानरराज वाली के विषय में तो हम सभी जानते ही हैं। उनका बल सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध था। रामायण के किष्किन्धा काण्ड सर्ग ११ में महर्षि वाल्मीकि ने वाली के बल का विस्तार से वर्णन किया है। इस सर्ग में श्रीराम के पूछने पर सुग्रीव वाली के बल के बारे में बताते हैं।
महर्षि भरद्वाज द्वारा भरत और उनकी सेना का दिव्य सत्कार
वाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड के ९१वें सर्ग में एक प्रसंग आता है जब भरत अपनी सेना सहित श्रीराम को वापस बुलाने वन को निकलते हैं तो उनकी भेंट महर्षि भरद्वाज से होती है। तब भरत एक रात्रि के लिए अपनी सेना सहित महर्षि के आश्रम में ही रुकते हैं। उस समय भरद्वाज मुनि द्वारा उनके और उनकी सेना के दिव्य सत्कार का वर्णन है जो अद्भुत है। ये इस बात का उदाहरण है कि तप की शक्ति कितनी प्रबल हो सकती है।
रावण कितना शक्तिशाली था?
रामायण के अरण्य कांड के ३३वें सर्ग में हमें शूर्पणखा और रावण के साक्षात्कार का वर्णन आता है और इसी सर्ग में महर्षि वाल्मीकि ने संक्षेप में रावण के बल के विषय में बताया है। जब श्रीराम ने जनस्थान में खर और दूषण का वध कर दिया तब शूर्पणखा रावण से मिलने लंकापुरी में गयी। यहीं पर रावण के व्यक्तित्व और बल का वर्णन है:
क्या श्रीराम मांसाहारी थे?
पिछले कई वर्षों से विधर्मियों और वामपंथियों द्वारा रामायण और श्रीराम की छवि धूमिल करने का अनेकों बार प्रयास किया गया है। अभी हाल के ही समय में एक अलग ही विषय पर ये लोग फिर से कुतर्क दे रहे हैं। वो विषय है श्रीराम द्वारा मांसाहार का। कई लोगों ने वाल्मीकि रामायण के कुछ श्लोकों का भी उद्धरण दिया है और ये सिद्ध करने का प्रयास किया है कि श्रीराम मांसाहारी थे। ऐसा ही कुछ एक तमिल फिल्म "अन्नपूर्णी" में भी सिद्ध करने का प्रयास किया गया।
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