कुब्जा

कुब्जा
गोकुल वृंदावन में जब श्रीकृष्ण १६ वर्ष के हुए, कंस के निमंत्रण पर अक्रूर उन्हें और बलराम को लेकर मथुरा आ गए। कंस से मिलने से पहले उन्हें कुछ दिन अतिथिशाला में ठहराया गया जहाँ उन्होंने नगर भ्रमण का सोचा। वे दोनों भाई मथुरा की गलियों में भ्रमण करने लगे। वे जिधर भी निकल जाते, लोग उन्हें देखते ही रह जाते। नगर में पहले ही समाचार फ़ैल चुका था कि ये दोनों भाई ही उन्हें कंस के अत्याचारों से मुक्त करवाएंगे।

रावण की ७ अपूर्ण इच्छाएं

रावण की ७ अपूर्ण इच्छाएं
हमारे कई पौराणिक ग्रंथों में ऐसा वर्णन है कि रावण की कई ऐसी इच्छाएं थी जो वो पूरा नहीं कर पाया। उसकी अपूर्ण इच्छाएं तो बहुत थी किन्तु उनमे से ७ सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं। रावण सप्तद्वीपाधिपति था, नवग्रह उसके अधीन रहते थे और स्वयं भगवान रूद्र की उसपर कृपा थी। किन्तु उसके बाद भी, अपने हर प्रयासों के बाद भी उसकी ये ७ इच्छाएं पूरी नहीं हो सकी। आइये इनके बारे में कुछ जानते हैं।

भगवान शिव को क्यों नहीं चढ़ाया जाता केतकी का फूल?

भगवान शिव को क्यों नहीं चढ़ाया जाता केतकी का फूल?
भगवान शिव को ना चढ़ाई जाने वाली वस्तुओं
के विषय में आपने पढ़ा जिसमें से केतकी का फूल भी एक है। केतकी का पुष्प सफ़ेद रंग का होता है और देखने में बहुत सुन्दर होता है किन्तु फिर भी इसे महादेव को अर्पित नहीं किया जाता क्यूंकि स्वयं भगवान शंकर ने इसे वर्जित किया है। इसके पीछे जो कथा है वो सृष्टि के आरम्भ से पहले की है।

भगवान शिव को क्यों नहीं चढ़ाई जाती कुमकुम?

भगवान शिव को क्यों नहीं चढ़ाई जाती कुमकुम?
धर्म संसार पर एक लेख पहले ही प्रकाशित हो चुका है जिसमें बताया गया है कि महादेव को कौन-कौन सी वस्तुएं अर्पित नहीं की जाती। इसके बारे आप विस्तार से यहाँ पढ़ सकते हैं। कुमकुम भी उन्ही वस्तुओं में से एक है जो भगवान शिव पर नहीं चढ़ाई जाती। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर क्या कारण है कि भगवान शिव को कुमकुम नहीं चढ़ाई जाती।

वैद्यराज चरक

वैद्यराज चरक
चरक एक महान वैद्य थे जिन्हे विश्व का सबसे पहला वैद्य माना जाता है। यही नहीं, इन्हे आयुर्वेद का जनक भी माना जाता है। इनके जन्म को लेकर कुछ मतभेद है। कुछ लोग इनका जन्म ईसा से ३०० वर्ष पहले का मानते हैं जबकि अधिकतर लोग इनका जन्म महात्मा बुद्ध से भी पहले का मानते हैं। इसमें से दूसरा मत ही ज्यादा तर्कसंगत लगता है। कुछ लोग चरक और कनिष्क को एक मानते हैं किन्तु ऐसा नहीं है। कनिष्क बौद्ध थे किन्तु चरक साहित्य में बौद्ध मतों का कठोरता से खंडन किया गया है।

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए
शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए
ये तो बहुत लोग जानते हैं किन्तु कुछ ऐसी वस्तुएं भी हैं जिसे भगवान शिव को अर्पण करने को शास्त्रों में मना किया गया है। आइये ऐसी ही कुछ वस्तुओं के विषय में जानते हैं। 
  1. हल्दी: भगवान शिव को हल्दी नहीं चढ़ती है क्यूंकि इसका सम्बन्ध भगवान विष्णु से है। विष्णु-लक्ष्मी को हल्दी चढाने का विधान है क्यूंकि नारायण को हल्दी या पीली वस्तुएं बड़ी पसंद हैं। यही कारण है कि उन्हें पीतांबर कहा गया है। इसके अतिरिक्त चूँकि हल्दी का सम्बन्ध रसोईघर से है इसीलिए भी ये महादेव को नहीं चढ़ाई जाती।

रावण के अनुसार स्त्रियों के ८ अवगुण

रामचरितमानस में एक प्रसंग आता है जब रावण द्वारा सीता हरण करने के पश्चात रावण की पटरानी मंदोदरी उसे बार बार देवी सीता को श्रीराम को लौटाने का अनुरोध करती है। पहले तो रावण उसके इस हठ को हंसी में टाल देता था किन्तु मंदोदरी के बार-बार टोकने के कारण रावण क्रोधित हो जाता है और वो बताता है कि स्त्रियों के ८ दुर्गुणों के कारण ही पुरुषों का विनाश होता है।