महाभारत के बाद महर्षि व्यास की सबसे प्रमुख कृति पुराण ही मानी जाती है। महर्षि व्यास ने कुल १८ पुराण लिखे जिन्हे महापुराण भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त अन्य ऋषियों द्वारा लिखी गयी कृतियों को उप पुराण भी कहा जाता है। इन पुराणों में समाहित ज्ञान की कोई सीमा नहीं है। जो भी ज्ञान पृथ्वी पर है वो सभी इन पुराणों में वर्णित है। मूलतः पुराणों को दो भागों में विभक्त किया जाता है:
- महापुराण: महर्षि व्यास द्वारा लिखित
- उप पुराण: अन्य ऋषियों द्वारा लिखित
