माता दुर्गा को किस देवता ने कौन से अस्त्र दिया?

माता दुर्गा को किस देवता ने कौन से अस्त्र दिया?
माता दुर्गा के विषय में एक लेख हमने पहले ही प्रकाशित किया है। उस लेख में हमने बताया कि माता दुर्गा का प्राकट्य त्रिदेवों से ही हुआ था। अन्य देवताओं के तेज से उनके सभी अंगों का निर्माण हुआ। उसके अतिरिक्त अनेकों देवताओं ने उन्हें अपने अस्त्र भी दिए जिसे माता अपने आठों हाथों में धारण करती है। आज इस लेख में हम जानेंगे कि माता दुर्गा को किस देवता से कौन सा अस्त्र प्राप्त हुआ।

क्यों अर्जुन युधिष्ठिर के वध को उद्धत हुए?

क्यों अर्जुन युधिष्ठिर के वध को उद्धत हुए?
महाभारत में पांचों पांडवों का आपस में प्रेम एक उदाहरण है। चारो छोटे भाई अपने बड़े भाई युधिष्ठिर का अपने पिता की भांति आदर करते थे। किन्तु महाभारत में एक ऐसी कथा भी आती है जब अर्जुन युधिष्ठिर का वध करने को उद्धत हो गए थे। आखिर ऐसा क्या कारण था कि अर्जुन को ऐसा करना पड़ा?

श्रीगणेश का मस्तक कटने के बाद कहाँ गया?

श्रीगणेश का मस्तक कटने के बाद कहाँ गया?
श्रीगणेश की कथा तो हम सभी जानते हैं। उन्हें गजमुख क्यों और किस प्रकार प्राप्त हुआ उसके बारे में भी सभी लोगों को पता है। गणेश जी के सर के कटने के विषय में दो कथाएं मुख्य रूप से प्रसिद्ध हैं। सबसे प्रसिद्ध कथा तो महादेव के द्वारा उनके सर को काटने की है जो सर्वविदित है। किन्तु एक अन्य कथा भी आती है जिसमें शनिदेव की कुदृष्टि के कारण श्रीगणेश का मस्तक कट गया था।

जब अर्जुन को श्रीकृष्ण से युद्ध करना पड़ा

जब अर्जुन को श्रीकृष्ण से युद्ध करना पड़ा
अर्जुन श्रीकृष्ण के कितने बड़े भक्त थे ये बताने की आवश्यकता नहीं। किन्तु भागवत में हमें एक ऐसी कथा का वर्णन मिलता है जब अर्जुन को श्रीकृष्ण से युद्ध करना पड़ा था। ये कथा महाभारत युद्ध के बाद की है इसीलिए मूल महाभारत में इसका कोई उल्लेख नहीं है, किन्तु लोक कथाओं में ये बहुत प्रचलित है।

बृहद्बल - श्रीराम के वो वंशज जिन्होंने महाभारत युद्ध में भाग लिया

बृहद्बल - श्रीराम के वो वंशज जिन्होंने महाभारत युद्ध में भाग लिया
महाभारत के सन्दर्भ में एक प्रश्न बहुत प्रमुखता से पूछा जाता है कि क्या महाभारत के समय ऐसा कोई राजा था जो श्रीराम के वंश से सम्बंधित हो। तो इसका उत्तर है हाँ। महाभारत काल में श्रीराम के वंश के एक राजा थे जिन्होंने युद्ध में कौरवों की ओर से युद्ध किया था। उनका नाम था बृहद्बल

कैसे आया भीम में १०००० हाथियों का बल?

कैसे आया भीम में १०००० हाथियों का बल?
हम सभी ने सुना है और महाभारत में ये पढ़ा है कि भीम में १०००० हाथियों का बल था। बहुत कम लोगों को ये पता होगा कि आरम्भ में दुर्योधन और भीम समान रूप से शक्तिशाली थे। कहा जाता है कि दुर्योधन में १००० हाथियों का बल था और भीम भी उतने ही शक्तिशाली थे। फिर ऐसा क्या हुआ कि भीम की शक्ति दुर्योधन से कहीं अधिक हो गयी? वास्तव में भीम की शक्ति में जो अद्भुत विस्तार हुआ उसका श्रेय भी दुर्योधन को ही जाता है।

१४ प्रकार के व्यक्ति जो मरे हुए के समान हैं

१४ प्रकार के व्यक्ति जो मरे हुए के समान हैं
गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस ज्ञान के सागर के समान है। इसमें ज्ञान की ऐसी गूढ़ बातें लिखी है जो हर किसी को पता होनी चाहिए। मानस में ही तुलसीदास जी ने उन १४ प्रकार के व्यक्तियों के बारे में बताया है जो जीवित होते हुए भी मरे हुए के समान हैं।