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बोनालु और पोथराजू
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बोनालु तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में मनाया जाने वाला एक त्यौहार है जो आषाढ़ महीने में माता काली के एक रूप जिसे स्थानीय भाषा में येल्लम्मा कहा ज...
शास्त्रों में कितने प्रकार के विवाह बताये गए हैं?
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हिन्दू धर्म में विवाह को १६ संस्कारों में से एक माना गया है। आम और पर लोगों को एक ही प्रकार के विवाह के विषय में पता होता है। कुछ लोग, जिन्ह...
वर्ष में दो बार नवरात्रि क्यों मनाई जाती है?
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आपमें से कई लोगों को ये पता होगा कि नवरात्रि वर्ष में दो बार मनाई जाती है। हालाँकि बहुत ही कम लोगों को ये पता होगा कि वास्तव में वर्ष में चा...
3 टिप्पणियां:
दीपावली क्यों मनाई जाती है?
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आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें। हर वर्ष दीपावली हमारे जीवन में हर्षोल्लास लेकर आती है, आशा है इस वर्ष भी ऐसा ही हो। वैसे तो ना केव...
1 टिप्पणी:
महालया
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सर्वप्रथम आप सभी महालया पर्व की हार्दिक शुभकामनायें। कल से महालया आरम्भ हो गया है। महालया उत्तर भारत, विशेष कर बंगाल का एक अति महत्वपूर्ण पर...
4 टिप्पणियां:
महाकुंभ
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हम सभी जानते हैं कि वर्तमान में हरिद्वार में कुंभ पर्व मनाया जा रहा है।सत्य सनातन धर्म में कुंभ पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है। पुराणों के ...
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धनतेरस क्यों मनाया जाता है? कौन हैं देव धन्वन्तरि?
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आप सबको धनतेरस की हार्दिक शुभकामनायें। आज का दिन देवताओं के वैद्य माने जाने वाले श्री धन्वन्तरि को समर्पित है। इसी दिन ये समुद्र मंथन से अ...
2 टिप्पणियां:
पुत्रदा एकादशी
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हिन्दू धर्म में एकादशी का बड़ा महत्त्व है। प्रत्येक मास दो बार एकादशी होती है और इस प्रकार वर्ष में कुल २४ एकादशी होती है। मलमास अथवा अधिकमा...
सबसे पहली छठ पूजा
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आप सभी को खरना की शुभकामनायें। कल से छठ महापर्व का शुभारम्भ हो चुका है। नहाय खाय (कद्दू भात) से आरम्भ होने वाला ये महापर्व खरना, संध्या ...
2 टिप्पणियां:
यम द्वितीया
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कल आप सबने यम द्वितीया का पर्व मनाया। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को पड़ने के कारण ही इस पर्व का नाम यम द्वितीया पड़ा है। इस नाम का...
गोवर्धन पूजा
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गोवर्धन पूजा हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है जो दीपावली के दो दिन के बाद मनाया जाता है। उत्तरप्रदेश के ब्रज, गोकुल और वृन्दावन में तो द...
नरक चतुर्दशी
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आज नरक चतुर्दशी का त्यौहार है, जिसे नरक चौदस भी कहा जाता है। हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को, दीवाली से एक दिन पहले ये त्...
शरद पूर्णिमा
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कल शरद पूर्णिमा का पर्व है। इस पर्व का हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व है। आश्विन महीने की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। शरद का एक अर्थ ...
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रक्षा बंधन
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आप सभी को रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें। रक्षाबंधन एक अति प्राचीन पर्व है जो हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को...
1 टिप्पणी:
सोलह संस्कार
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शास्त्रों के अनुसार मनुष्य जीवन के लिए कुछ आवश्यक नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना हमारे लिए आवश्यक माना गया है। हिन्दू धर्म के अनुसार जीवन...
संध्यावंदन एवं उपचार
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हिन्दू धर्म में पूजा एवं संध्यावंदन का महत्वपूर्ण स्थान है। प्रतिदिन संध्यावंदन करने से मनुष्य को इष्ट वस्तुओं की प्राप्ति होती है और साथ ह...
पूजा सम्बंधित १० महत्वपूर्ण जानकारियाँ
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पूजागृह में दो शिवलिंग, तीन गणेश, दो शंख, दो सूर्य प्रतिमा, तीन देवी प्रतिमा, दो गोमती चक्र या दो शालिग्राम का पूजन नहीं करना चाहिए। घर...
मौनी अमावस्या
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मौनी अमावस्या का वर्णन कुम्भ के सन्दर्भ में मिलता है। जब अमृत को बचाने के लिए जब धन्वन्तरि कलश लेकर भागे, अमृत की कुछ बूंदें पृथ्वी पर ४ स...
शाकम्भरी जयंती
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दुर्गम नाम का एक दैत्य था। हिरण्याक्ष के वंश में वह पैदा हुआ था और उसके पिता का नाम रुरु था। वो देवताओं से शत्रुता रखता था और देवताओं को कष...
नागवंश और नागपूजा - आधुनिक दृष्टिकोण
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नागवंश और नागपूजा का इतिहास भारत में बहुत ही पुराना है। नागों को महर्षि कश्यप और दक्षपुत्री क्रुदु की संतान माना गया है जिनके १००० पुत्र हु...
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