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जब ब्रह्मदेव और देवर्षि नारद ने एक दूसरे को श्राप दे दिया

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ये तो हम सभी जानते हैं कि देवर्षि नारद परमपिता ब्रह्मा के ही मानस पुत्र हैं। हम ये भी जानते हैं कि देवर्षि नारद भगवान श्रीहरि के अनन्य भक्त...
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कृपाचार्य

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महर्षि गौतम और उनकी पत्नी अहिल्या के विषय में तो हम सभी जानते ही हैं। इनका वर्णन मुख्य रूप से रामायण में किया गया है। रामायण के साथ साथ महाभ...

महर्षि दुर्वासा तक को विवश करने वाले - महाराज अम्बरीष

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कुछ समय पहले हमने श्रीराम के पूर्वज महाराज युवनाश्व के विषय में लेख प्रकाशित किया था जिन्होंने गर्भ धारण किया था। उन्होंने ने ही मान्धाता ना...

हयग्रीव कौन हैं और हिन्दू धर्म में कितने हयग्रीवों का वर्णन है?

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भगवान हयग्रीव श्रीहरि के २४ अवतारों में से एक हैं। हालाँकि हिन्दू धर्म में उनके अतिरिक्त हयग्रीव नाम के एक दानव, एक दैत्य और एक राक्षस भी ह...

गरुड़ एवं नागों में शत्रुता क्यों थी?

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कुछ समय पहले हमें महर्षि कश्यप और उनकी सभी पत्नियों से मुख्य जातियों की उत्पत्ति के विषय में एक वीडियो बनाया था जिसे आप यहाँ देख सकते हैं। स...
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केवल सुख को ही अपना ध्येय मानने वाले - "चार्वाक"

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काम एवैकः पुरुषार्थः अर्थात: काम (भोग विलास) ही एकमात्र पुरुषार्थ है। इस एक वाक्य से आपको चावार्क दर्शन की मानसिकता समझ में आ जाएगी। हिन्दू...
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भोलेनाथ को मांस अर्पण करने वाला महान भक्त - कन्नप्पा नयनार

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हिन्दू धर्म में महादेव के एक से बढ़कर एक भक्तों का वर्णन मिलता है। किन्तु उनमें से एक भक्त ऐसे भी थे जो किसी भी पूजा विधि को नहीं जानते थे। उ...
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