मंगलवार, अगस्त 11, 2020

कुश का वंश

श्रीराम के वंश का विस्तृत वर्णन धर्मसंसार पर पहले ही प्रकाशित हो चुका है। श्रीराम के दो पुत्र हुए - लव और कुश। निर्वाण लेते समय श्रीराम ने अपने साम्राज्य को स्वयं और अपने अनुज पुत्रों में समान रूप से बाँट दिया। लव को जो राज्य मिला उसका नाम उन्होंने लव नगर रखा। आज पाकिस्तान का लाहौर ही वो नगर था। कुश के राज्य का नाम कुश नगर पड़ा जिसे आज पाकिस्तान के कसूर के नाम से जाना जाता है। दुर्भाग्य ये है कि आज इन दोनों जगहों से हिन्दुओं को समाप्त कर दिया गया है। लव का वंश अधिक नहीं चला किन्तु कुश के वंशजों से अपने राज्य को बहुत बढ़ाया। आइये इस पर एक दृष्टि डालते हैं:

रविवार, अगस्त 02, 2020

यदुवंश

इस वेबसाइट का पहला लेख मैंने कुरुवंश (पुरुवंश) से किया था। श्रीकृष्ण का लेख लिखने में बहुत देर हो गयी। श्रीकृष्ण के वंश की शाखा भी उन्ही चक्रवर्ती सम्राट ययाति से चली जिनसे पुरु का वंश चला। पुरु ययाति के सबसे छोटे पुत्र थे और यदु सबसे बड़े। हालाँकि ययाति के श्राप के कारण सबसे प्रसिद्ध राजवंश पुरु का ही रहा जिसमें दुष्यंत, भरत, कुरु, हस्ती, शांतनु और युधिष्ठिर जैसे महान सम्राट हुए। ययाति के अन्य पुत्रों का वंश भी चला किन्तु चक्रवर्ती सम्राट केवल पुरु के वंश में ही हुए।

शनिवार, जुलाई 18, 2020

रुद्राक्ष

रुद्राक्ष हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र वस्तुओं में से एक माना गया है। कहते हैं कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने हेतु रुद्राक्ष सबसे सरल माध्यम है क्यूंकि ये स्वयं रूद्र से ही जन्मा है। शिव पुराण और पद्म पुराण में कहा गया है कि रुद्राक्ष धारण करने से अधम से अधम व्यक्ति भी स्वर्ग को प्राप्त होता है। रुद्राक्ष वास्तव में एक वृक्ष का फल होता है। ऐसे वृक्ष हिमालय में सबसे अधिक पाए जाते हैं। उसकेअतिरिक्त नेपाल और इंडोनेशिया में भी रुद्राक्ष के वृक्ष मिलते हैं। भारत में भी रुद्राक्ष के वृक्ष होते हैं किन्तु इनकी लकड़ियों को अंधाधुंध काटने के कारण भारत में ये दुर्लभ वृक्ष विलुप्त होने की कगार पर है।

शनिवार, जुलाई 11, 2020

पुष्कर द्वीप

पिछले लेख में हमने शाक द्वीप के विषय में पढ़ा। इस लेख में हम सप्तद्वीपों में से अंतिम पुष्कर द्वीप के विषय में जानेंगे।
  • पुष्कर द्वीप का आकर शाक द्वीप से दुगुना है। 
  • इस द्वीप का नाम यहाँ स्थिति अतिविशाल न्यग्रोध (वट) के वृक्ष के कारण पड़ा है। ये इतना विशाल है कि उसका शिखर दिखाई नहीं देता। कहते हैं इस विशाल वृक्ष में पातमपिता ब्रह्मा का स्थान है।

रविवार, जुलाई 05, 2020

शाक द्वीप

पिछले लेख में हमने क्रौंच द्वीप के विषय में पढ़ा। इस लेख में हम छठे महान शाक द्वीप के विषय में जानेंगे। 
  • इस द्वीप के मध्य में एक अतिविशाल शाक का वृक्ष है और उसी वृक्ष के कारण इस द्वीप का नाम शाक द्वीप पड़ा है। 

सोमवार, जून 29, 2020

क्रौंच द्वीप

पिछले लेख में हमने कुश द्वीप के विषय में पढ़ा था। इस लेख में हम क्रौंच द्वीप के विषय में विस्तार पूर्वक जानेंगे जिसका स्थान सप्तद्वीपों में पाँचवा है। 
  • इस द्वीप का नाम यहाँ स्थित क्रौंच नामक महान पर्वत के कारण पड़ा है। 
  • यहाँ के निवासी वरुण देव की पूजा करते हैं। 

सोमवार, जून 22, 2020

कुश द्वीप


इस श्रृंखला के पिछले लेख में हमने शाल्मल द्वीप के विषय में पढ़ा था। इस लेख में हम कुश द्वीप के विषय में विस्तार से जानेंगे। कुश द्वीप उन सात पौराणिक द्वीपों में से एक है जिसका वर्णन हमारे पुराणों में किया गया है। विष्णु पुराण के अनुसार -

कुश: क्रौंचस्तथा शाक: पुष्करश्चैव सप्तम:।