गुरुवार, मार्च 05, 2020

वर्तमान शहरों के प्राचीन नाम

निर्विवाद रूप से भारत वर्ष विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। ये देव नगरी है। यहाँ के कई नगर अत्यंत प्राचीन हैं। वैसे तो भारत के सहस्त्रों नगरों का प्राचीन नाम अवश्य होगा किन्तु इस लेख में हम केवल कुछ प्रमुख नगरों को ही समाहित कर पाए हैं। अगर आपके पास किसी अन्य नगर के प्राचीन नाम की जानकारी हो तो हमें अवश्य बताएं।
  1. भारत: आर्यवर्त - आर्य का अर्थ देवता होता है, अर्थात ये देवताओं की भूमि थी। शंकुन्तला पुत्र चक्रवर्ती सम्राट भरत की भूमि होने के कारण इसे भारत कहा जाता है। सनातन धर्म हिन्दू का देश होने के कारण इसका एक नाम "हिन्दू स्थान" (जिसका अपभ्रंश होकर हिंदुस्तान हो गया है) भी है। 
  2. बनारस: काशी - विश्व की सबसे प्राचीन नगरी जो भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी है और जिसका नाश प्रलय में भी नहीं होता। स्वयं श्रीकृष्ण अपनी सम्पूर्ण शक्ति और सुदर्शन चक्र के द्वारा भी इसे नष्ट नहीं कर सके थे।
  3. कुरुक्षेत्र: शर्यणवत - कभी यहाँ कौरवों के पूर्वज महाराज कुरु की राजधानी थी। यहीं महाभारत का युद्ध हुआ था। 
  4. कन्याकुमारी: अयाध्य 
  5. बौंसी: वासुकि - यहीं पर देवों और दानवों ने समुद्र मंथन किया था। 
  6. भुवनेश्वर: शिशुपालगढ़ - श्रीकृष्ण के भाई शिशुपाल के नगर चेदि देश की राजधानी। 
  7. इलाहबाद: प्रयागराज - इसका नाम पुनः बदलकर प्रयागराज कर दिया गया है। 
  8. राजगीर: राजगृह
  9. फैज़ाबाद: अयोध्या - भगवान श्रीराम का जन्मस्थल। इसका नाम पुनः बदल कर अयोध्या कर दिया गया है। 
  10. तामलुक: ताम्रलिप्त
  11. भोपाल: उदयगिरि 
  12. उज्जैन: अवन्ति। इसका प्राचीन नाम उज्जैयनी भी है। महाराज विक्रमादित्य यही के शासक थे।  
  13. बड़ोदरा: वीरवती 
  14. बिहार और नेपाल की सीमा: मिथिला - महाराज जनक की नगरी। देवी सीता का जन्म स्थान। 
  15. विजयवाड़ा: विजयवाटिका 
  16. पटना: पाटलिपुत्र
  17. बिहार: मगध - महाराज जरासंध की नगरी। 
  18. हैदराबाद: भाग्यनगर 
  19. गुवाहाटी: प्राग्ज्योतिषपुर - नरकासुर यही का शासक था जिसका वध श्रीकृष्ण ने किया था। 
  20. अजमेर: अजयमेरु 
  21. कानपुर: कन्हैयापुर - यहाँ पर भी श्रीकृष्ण ने कुछ समय व्यतीत किया था। 
  22. दिल्ली: खांडवप्रस्थ - हस्तिनापुर के विभाजन पर खांडवप्रस्थ पांडवों को दे दिया गया जहाँ उन्होंने नया नगर बसाया और उसे इंद्रप्रस्थ का नाम दिया। 
  23. लखनऊ: लक्ष्मणावटी - लक्ष्मण ने इसे अपने बाहुबल से जीता था। 
  24. अहमदाबाद: कर्णावती 
  25. अलीगढ: रामगढ़ 
  26. शामली: शालीभवन 
  27. जमशेदपुर: कालीमति 
  28. भागलपुर: अंग - महारथी कर्ण की नगरी जो उसे दुर्योधन ने प्रदान की थी। 
  29. सुल्तानगंज: चम्पानगरी - इस प्रदेश को कर्ण ने जरासंध को परास्त करने के बाद प्राप्त किया था। बाद में इसे अंग देश की राजधानी बनाया गया। 
  30. उस्मानाबाद: धराशिव 
  31. जीन्द: जयन्तपुरी
  32. सोनीपत: शोणप्रस्थ - अंगराज कर्ण के भाई (राधा के अपने पुत्र) शोण की नगरी। 
  33. असन्ध: असन्धिवत
  34. पिंजौर: पंचमपुर
  35. महम: महेस्थ
  36. हाँसी: आशी
  37. सफीदों: सर्पदमन
  38. पेहोवा: पृथूदक
  39. जगाधरी: युगन्धर
  40. कालका: कालकूट - कालकूट नाग की नगरी। 
  41. थानेसर: स्थण्वीश्वर
  42. कैथल: कपिल स्थल - कपिल मुनि का आश्रम यही था। 
  43. औरंगाबाद: प्रकृतनाक
  44. नारनौल: नरराष्ट्र
  45. रोहतक: रोहिताश
  46. सिरसा: शैरीषकम
  47. मथुरा: मधुपुरी - राक्षस मधु के द्वारा बसाने के कारण जिसका वध शत्रुघ्न ने किया था।
  48. द्वारका: द्वारिका - श्रीकृष्ण की नगरी
  49. अमीन: अभिमन्युपुर - अर्जुनपुत्र अभिमन्यु के नाम पर। 
  50. जींद: जयंता 
  51. पानीपत: पानीप्रस्थ 
  52. बागपत: व्याग्रपत 
  53. मेरठ: हस्तिनापुर - कौरव राष्ट्र की राजधानी। 
  54. गुडगाँव: गुरुग्राम - यही पर गुरु द्रोण का आश्रम था। इसका नाम पुनः गुरुग्राम कर दिया गया है।
  55. बरनावा: वारणावत - यहीं पुरोचन ने पांडवों को मारने के लिए लाख का महल बनाया था। 
  56. राजौरी: राजपुर 
  57. जयपुर: मत्स्य - विराट नगर की राजधानी। पांडवों ने अपना अज्ञातवास यहीं काटा था। 
  58. दरभंगा: वज्जि 
  59. देवरिया: मल्ल 
  60. बुंदेलखंड: चेदि - शिशुपाल की नगरी। 
  61. मालवा: अवंति 
  62. मदुरै: अश्मक 
  63. अहमदाबाद: आशापल्ली 
  64. जालंधर: कपिस्थल
  65. गंगानगर: रामनगर
  66. आहड़: ताम्रवती
  67. भीनमाल: श्रीमाल 
  68. अलवर: आलौर
  69. पुष्कर: पुष्कर तीर्थ 
  70. नागौर: अहिछत्रपुर
  71. करौली: गोपालमाल
  72. बयाना: श्रीपंथ
  73. सांचोर: सत्यपुर

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया टिपण्णी में कोई स्पैम लिंक ना डालें एवं भाषा की मर्यादा बनाये रखें।