बुधवार, फ़रवरी 10, 2010

हिन्दू काल गणना

  • जो कि श्वास (प्राण) से आरम्भ होता है, यथार्थ कहलाता है और जो त्रुटि से आरम्भ होता है अवास्तविक कहलाता है। छः श्वास से एक विनाड़ी बनती है। साठ श्वासों से एक नाड़ी बनती है। 
  • साठ नाड़ियों से एक दिवस (दिन और रात्रि) बनते हैं। तीस दिवसों से एक मास (महीना) बनता है।
  • १२ मास का एक मानव या सौर वर्ष होता है।