29 दिसंबर 2018

भगवान दत्तात्रेय के २४ गुरु

भगवान दत्तात्रेय महर्षि अत्रि के पुत्र थे जो नारायण के अंश से जन्मे थे। उन्हें भगवान विष्णु का ही एक रूप माना जाता है। श्री दत्तात्रेय ने एक बार देवर्षि नारद से कहा था कि उन्होंने कई लोगों और चीजों से काफी कुछ सीखा है और उन्होंने जिनसे भी सीखा है उन्हें वे अपना गुरु मानते है। यहाँ तक कि उन्होंने पशुओं के भी अपने गुरु का दर्जा दिया। देवर्षि नारद के अनुसार भगवान दत्तात्रेय ने उन्हें अपने २४ गुरुओं के बारे में बताया। ये हैं:
  1. पृथ्वी
  2. जल
  3. अग्नि
  4. वायु
  5. आकाश
  6. चंद्रमा
  7. सूर्य
  8. कपोत
  9. अजगर
  10. सिंधु
  11. पतंग
  12. भ्रमर
  13. मधुमक्खी
  14. गज
  15. मृग
  16. मीन
  17. पिंगला
  18. कुररपक्षी
  19. बालक
  20. कुमारी
  21. सर्प
  22. शरकृत
  23. मकड़ी
  24. भृंगी

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