17 मई 2018

पांडवों की पत्नी और पुत्रों के नाम

सभी जानते हैं कि द्रौपदी पाँचों पांडवों की पत्नी थी किन्तु उसके अतिरिक्त भी सभी पांडवों ने अन्य विवाह भी किये। हालाँकि द्रौपदी को पांडवों की पटरानी या ज्येष्ठ रानी कहा जाता है किन्तु वो कुरुकुल की पहली पुत्रवधु नहीं थी। पांडवों में सबसे पहले भीम का विवाह हिडिम्बा नमक राक्षसी से हुआ किन्तु राक्षसी होने तथा कुंती को दिए वचन के कारण भीम ने कभी उसे अपने साथ नहीं रखा और ना ही उसकी गणना कभी कुरुकुल की कुलवधू में हुई। इसी कारण द्रौपदी को पटरानी का स्थान मिला। उसने पाँचों पांडवों से विवाह किया और वो बारी-बारी एक वर्ष के लिए एक पांडव की पत्नी बनकर रहती थी। उसे महर्षि व्यास द्वारा अक्षतयोनि रहने का वरदान प्राप्त था इसी कारण एक वर्ष के पश्चात वो पुनः कौमार्य धारण कर लेती थी। द्रौपदी ने पाँचो पांडवों से एक-एक पुत्र प्राप्त किये जिन्हे उप-पांडव कहा जाता था। पाँचों पांडवों के जन्म में एक-एक वर्ष का अंतराल था (हालाँकि कई जगह नकुल और सहदेव को जुड़वाँ बताया जाता है) और उसी तरह पांडवों के पाँचों पुत्रों की आयु मे भी एक-एक वर्ष का अंतर था और वय के अनुसार उनका भी वही क्रम था जो उनके पिता का था। दुर्भाग्य से सभी की हत्या महाभारत युद्ध में अश्वथामा के हाथों हुई।
  1. युधिष्ठिर के पुत्र का नाम प्रतिविन्ध्य था जो पाण्डुपुत्रों में ज्येष्ठ था
  2. भीमसेन से उत्पन्न पुत्र का नाम सुतसोम था।
  3. अर्जुन के पुत्र का नाम श्रुतकर्मा था।
  4. नकुल के पुत्र का नाम शतानीक था। और
  5. सहदेव के पुत्र का नाम श्रुतसेन था।
द्रौपदी के अतिरिक्त पांडवों ने अन्य विवाह भी किये जिनसे उन्हें अन्य पुत्र प्राप्त हुए। हालाँकि इनका उल्लेख महाभारत में अधिक नहीं किया गया है किन्तु इससे उनका महत्त्व कम नहीं होता।
  1. युधिष्ठिर: द्रौपदी के अतिरिक्त युधिष्ठिर ने एक विवाह और किया और उसकी दूसरी पत्नी का नाम देविका था। उससे उन्हें धौधेय नामक पुत्र प्राप्त हुआ। 
  2. भीम: द्रौपदी के अलावा भीम ने हिडिम्बा और बालंधरा (कई जगह जलंधरा) से दो विवाह और किये। हिडिम्‍बा से घटोत्कच और बलन्धरा से सर्वंग का जन्म हुआ। घटोत्कच का वध महाभारत में कर्ण के हाथों हुआ।
  3. अर्जुन: अर्जुन की द्रौपदी के अतिरिक्त सुभद्राउलूपी और चित्रांगदा नामक तीन और पत्नियां थीं। सुभद्रा बलराम और कृष्ण की बहन थी, उलूपी एक नागकन्या थी और चित्रांगदा मणिपुर की राजकुमारी थी। सुभद्रा से अभिमन्यु, उलूपी से इरावान तथा चित्रांगदा से वभ्रुवाहन नामक पुत्रों का जन्म हुआ। अभिमन्यु एवं इरावान का वध महाभारत युद्ध में हुआ। इरावान का वध अलम्बुष नामक राक्षस ने और अभिमन्यु का वध कई महारथियों ने मिल कर किया। वभ्रुवाहन ने महाभारत में युद्ध नहीं किया। बाद में युद्ध में अनभिज्ञ वभ्रुवाहन ने अर्जुन का वध कर दिया था किन्तु श्रीकृष्ण के कारण उसे जीवन दान मिला। युधिष्ठिर के बाद हस्तिनापुर और कुरुकुल का शासन अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित को मिला और उसी से आगे पुरुवंश चला। 
  4. नकुल: नकुल ने द्रौपदी के अलावा करेणुमती नमक स्त्री से विवाह किया जिससे उसे निरमित्र नामक पुत्र की प्राप्ति हुई। 
  5. सहदेव: द्रौपदी के अतिरिक्त सहदेव की दूसरी पत्नी का नाम विजया था जिससे उन्हें सुहोत्र नामक पुत्र मिला।