17 सितंबर 2015

५६ (छप्पन) भोग का रहस्य

भगवान को लगाए जाने वाले भोग की बड़ी महिमा है। इनके लिए ५६ प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं, जिसे छप्पन भोग कहा जाता है। यह भोग रसगुल्ले से शुरू होकर दही, चावल, पूरी, पापड़ आदि से होते हुए इलायची पर जाकर खत्म होता है। अष्ट पहर भोजन करने वाले बालकृष्ण भगवान को अर्पित किए जाने वाले छप्पन भोग के पीछे कई रोचक कथाएं हैं।

18 मई 2015

श्री मद भगवद गीता के बारे में कुछ तत्थ्य

  • किसने किसको सुनाई: श्रीकृष्ण ने अर्जुन को
  • कब सुनाई: आज से लगभग ७००० साल पहले
  • किस दिन सुनाई: रविवार के दिन
  • कौन सी तिथि को: एकादशी 
  • कहाँ सुनाई: कुरुक्षेत्र की रणभूमि में
  • कितनी देर में सुनाई: लगभग ४५ मिनट

12 अप्रैल 2015

३३ कोटि देवताओं का रहस्य

हिन्दू धर्म सागर की तरह विशाल है। इसकी विशालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हिन्दू धर्म में कुल देवी देवताओं की संख्या ३३ करोड़ बताई जाती है। सुनने में कुछ अजीब नहीं लगता? क्या ये संभव है कि किसी धर्म में कुल देवी देवताओं की संख्या ३३ करोड़ हो सकती है? किसी को भी आश्चर्य हो सकता है। लेकिन कहते हैं ना कि अधूरा ज्ञान हानिकारक हो सकता है। तो आईये हम इस बात का वास्तविक तथ्य जानते हैं।

4 जनवरी 2015

कर्त्यवीर्य अर्जुन द्धारा रावण को बंदी बनाना

रावण का दिग्विजय अभियान चल रहा था। कई राज्यों को जीतते हुए रावण महिष्मति पहुंचा। उस समय वहाँ हैहय वंश के राजा कर्त्यवीर्य अर्जुन शासन कर रहा था तथा नित्य की भांति अपनी रानियों के साथ जलविहार को गया हुआ था। घूमता घूमता रावण अपनी सेना सहित उसी सरोवर के किनारे पहुंच गया और अपने आराध्य भगवान शंकर की आराधना हेतु उसने शिवलिंग की स्थापना की। उधर अर्जुन की रानियों ने कौतुक के लिए उससे कुछ असाधारण करने का अनुरोध किया। कर्त्यवीर्य अर्जुन को वरदान स्वरुप हजार भुजाएं प्राप्त हुई थी इसी कारण वो सहस्त्रबाहु के नाम से भी विख्यात था तथा अजेय था। अपने पत्नियों के इस प्रकार अनुरोध करने पर उसने अपनी हजार भुजाओं से नदी का प्रवाह पूरी तरह रोक दिया।