20 अक्तूबर 2009

ध्रितराष्ट्र के गांधारी से सौ पुत्रों के नाम

हम सब जानते हैं की धृतराष्ट्र के सौ पुत्र थे. कुछ लोग ये जानते होंगे की इनके अलावा उनका एक पुत्र और भी था जो वैश्य कन्या से उत्पन्न हुआ था जिसका नाम युयुत्सु था. इसके अतितिक्त इनकी एक कन्या भी थी जिसका नाम दुशाला था जो कौरवों एवं पांडवों की एकलौती बहन थी और उसका विवाह जयद्रथ के साथ हुआ था.
  1. दुर्योधन
  2. युयुत्सु (वैश्य कन्या से)
  3. दुह्साशन
  4. दुह्सह्ह
  5. दुश्हल
  6. जलसंध
  7. सम
  8. सह
  9. विन्द
  10. अनुविन्द
  11. दुर्धुश
  12. सुबाहु
  13. दुश्प्रघर्शन
  14. दुर्मर्षण
  15. दुर्मुख
  16. दुश्कर्ण
  17. कर्ण
  18. विविंशति
  19. विकर्ण
  20. शल
  21. सत्व
  22. सुलोचन
  23. चित्र
  24. उपचित्र
  25. चित्राक्ष
  26. चरुचित्र
  27. शरासन
  28. दुर्मुद
  29. दुर्विगाह
  30. विवित्सु
  31. विकटानन
  32. ऊर्णनाभ
  33. सुनाभ
  34. नन्द
  35. उपनंद
  36. चित्रबान
  37. चित्रवर्मा
  38. सुवर्मा
  39. दुर्विमोचन
  40. आयोबहु
  41. महाबाहु
  42. चित्रांग
  43. चित्रकुंडल
  44. भीमवेग
  45. भीमबल
  46. बलाकी
  47. बलवर्धन
  48. उग्रायुध
  49. सुषेण
  50. कुंडधार
  51. महोदा
  52. चित्रायुध
  53. निशंकी
  54. पाशी
  55. वृन्दारक
  56. दृढवर्मा
  57. दृढक्षत्र
  58. सोमकिर्ती
  59. अनुदर
  60. दृढसंध
  61. जरासंध
  62. सत्यसंध
  63. सदह्सुवाक
  64. उग्रश्रवा
  65. उग्रसेन
  66. सेनानी
  67. दुष्ट्पराजय
  68. अपराजित
  69. कुंडशाई
  70. विशालाक्ष
  71. दुराधर
  72. दृढहस्त
  73. सुहस्त
  74. बातवेग
  75. सुवर्चा
  76. आदित्याकेतु
  77. ब्रह्याशी
  78. नाग्दत्त
  79. अग्रशायी
  80. कवची
  81. क्रथन
  82. कुण्डी
  83. उग्र
  84. भीमरथ
  85. वीरबाहू
  86. अलोलुप
  87. अभय
  88. रौद्रकर्मा
  89. दृढआश्रय
  90. अनाधृश्य
  91. कुंडभेदी
  92. विरावी
  93. प्रमथ
  94. प्रमायी
  95. दिर्घरोमा
  96. दीर्घबाहु
  97. महाबाहु
  98. व्युधोरास्क
  99. कनकध्वज
  100. कुण्डाशी
  101. विरजा
  102. इसके अतिरिक्त दुहशाला नमक कन्या